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Saturday, 18 July 2020

Kusum Sarovar Darshan

कुसुम सरोवर दर्शन~

 
एक दिन श्री प्रियतम श्री प्रिया जी के श्रृंगार की उत्कंठा हुई। श्री भगवान अपने भक्तजनो को श्याम सुधा और राधारस माधुरी का आस्वादन कराने के लिए अद्भुत संकल्प करते है। श्री प्रिया जी का श्रृंगार करने के लिए प्रियतम श्यामसुंदर ने पुष्पचयन किया और श्रृंगार करने को निकुंज द्वार पर पधारे। परंतु प्रिया जी मन मान कर बैठी है। और तैयार नही होती है। बड़ी मनौती करने पर प्रिया जी ने कहा कि इन पुष्पों को धोकर स्वच्छ बनाकर लाओ तभी में इन्हें श्रृंगार के लिए स्वीकार करूँगी। प्रिया जी की इस भावना को अपने ध्यानपटल पर जब श्यामसुंदर ने देखा तो भाव विभोर हो गए। प्रिया जी भी श्रृंग़ार के बहाने इस ब्रज की धरती पर और एक दिव्य तीर्थ प्रकट करना चाहती है। प्रिया जी के इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए श्यामसुंदर ने बंशी के सहारे एक गर्त बनाया और अपनी अकारण करुणार्द्र रसधारा से उन समस्त पुष्प गुच्छों का प्रक्षालन किया। अनन्तर अविशिष्ट जल उस गर्त में संग्रहित होकर कुसुम सरोवर नाम से दिव्य तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित हो गया।

                                      ~दीपक लवानियां

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